6. किसने किससे कहा ?   29 18 

(क) "मैं भी आज एक माशा स्वर्ण की आशा लेकर निकला हूँ। "

(ख) "मैं यह पतंग ऊपर भगवान के यहाँ भेजूँगा। "

(ग) "बेटा तुम्हारे साथ मेरा निर्वाह न होगा। "

(घ) "कुछ न कुछ कमाकर लाओ, नहीं तो तुम्हे खाना नहीं मिलेगा। "

(ङ) "इन रुपयों को आँगन के कुएँ में फेक आओ। "

(च) "क्यों इतना कमाने में तो मैं पसीने से तर हो गया था। "

(छ) "अरे लड़के,  इस पेटी को हमारे घर पहुँचाओगे तो अठन्नी दूंगा। "

(ज) "सुदास फूल का क्या मूल्य लेगा। "

(झ) "बात तो बड़ी अच्छी सोचो।'' 

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