आशिष

आल्लेलुया आल्लेलुया आल्लेलुया - 4 

1. देखा मैंने जल मंदिर के दाएँ बहते आल्लेलुया 

पहुंचा पाच वह जल अब उनके मुक्त हुए आल्लेलुया 

2. प्रभु भले हैं जय हो उनकी, बनी सदा करुणा  जिनकी। 

 रहता पास वह नित हम सबके, गावें उनकी आल्लेलुया 

3. पिता की जय हो जय हो सुत की, पावन आत्मा 

की जय वैसी 

आदि में जय जैसी उनकी, अब है युग होगी वैसी। 

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